
अजीत मिश्रा (खोजी)
बस्ती पुलिस को बड़ी कामयाबी: थानाध्यक्ष भानु प्रताप के नेतृत्व में 03 शातिर गोतस्कर दबोचे गए
- – 02 जिंदा बछड़े और अवैध चाकू बरामद; आरोपियों पर गैंगस्टर और हत्या के प्रयास जैसे कई संगीन मामले हैं दर्ज
- नगर पुलिस और SOG की संयुक्त स्ट्राइक; बेलाड़ी चौराहे से दबोचे गए 12 मुकदमों के आरोपी गोतस्कर
- भानु प्रताप सिंह की अगुवाई में अंतर्जनपदीय गोतस्कर गिरोह का पर्दाफाश
- गैंगस्टर और हत्या के प्रयास के आरोपियों समेत 3 गोतस्कर सलाखों के पीछे
बस्ती, 19 अप्रैल 2026
जनपद में अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे जीरो टॉलरेंस अभियान के तहत थाना नगर पुलिस और एसओजी (SOG) की संयुक्त टीम ने रविवार को एक बड़ी सफलता हासिल की है। थानाध्यक्ष भानु प्रताप सिंह की अगुवाई में पुलिस ने अंतर्जनपदीय गिरोह के 03 शातिर गोतस्करों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से गोवंश और अवैध हथियार बरामद किए हैं।
मुखबिर की सूचना पर बेलाड़ी चौराहे पर हुई घेराबंदी
पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, जनपदीय नाकाबंदी योजना के तहत बेलाड़ी चौराहे पर सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ तस्कर गोवंश के साथ किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में हैं। थानाध्यक्ष भानु प्रताप सिंह ने त्वरित निर्णय लेते हुए टीम को सक्रिय किया और घेराबंदी कर तीनों संदिग्धों को दबोच लिया। तलाशी के दौरान अभियुक्त दिलीप और मेराज के पास से अवैध चाकू और नकदी बरामद हुई।
गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान निम्नलिखित रूप में हुई है:
पंचम (50 वर्ष): निवासी नेऊरी गाड़ा कुसरौत, थाना नगर, बस्ती।
दिलीप (35 वर्ष): निवासी खुटहन, थाना नगर, बस्ती।
मेराज (40 वर्ष): निवासी साफियाबाद, थाना दुधारा, जनपद संतकबीर नगर।
शातिर अपराधी हैं दिलीप और मेराज
पुलिस जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। गिरफ्तार अभियुक्त दिलीप और मेराज का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। दिलीप के विरुद्ध हत्या के प्रयास (307), गैंगस्टर एक्ट और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत कई मुकदमे दर्ज हैं। वहीं, संतकबीर नगर निवासी मेराज के खिलाफ भी विभिन्न थानों में करीब एक दर्जन संगीन मामले दर्ज पाए गए हैं।
पंजीकृत मुकदमे और बरामदगी
पुलिस ने आरोपियों के पास से 02 जिंदा गोवंशीय बछड़े, 02 अवैध चाकू और 900 रुपये नकद बरामद किए हैं। थाना नगर में इनके खिलाफ मु0अ0सं0 91/2026 के तहत उ0प्र0 गोवध निवारण संशोधन अधिनियम 2020 और शस्त्र अधिनियम की विभिन्न धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर उन्हें न्यायालय भेज दिया गया है।
सराहनीय रही पुलिस टीम की भूमिका
इस सफल कार्रवाई में थानाध्यक्ष भानु प्रताप सिंह के साथ एसओजी प्रभारी निरीक्षक विकास यादव, उपनिरीक्षक अवधेश शर्मा, आनंद कुमार सिंह और उनकी टीम के हेड कांस्टेबल महेंद्र मौर्य, राजेश कुमार, राजनारायण, कांस्टेबल श्रीकांत, विजय यादव, इरशाद खान, अभय उपाध्याय, चंदन व सर्विलांस सेल के सत्येंद्र की मुख्य भूमिका रही।




















